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महिलाओं के साथ दुष्कर्म,हत्या के बाद ही क्यों जागती है सरकार बीती अनेको घटनाओं से क्यो नहीं सीख रही सबक.....???

महिलाओं के साथ दुष्कर्म,हत्या के बाद ही क्यों जागती है सरकार बीती अनेको घटनाओं से क्यो नहीं सीख रही सबक.....???


  • आये दिन प्रदेश में कहीं न कहीं महिलाओं व युवतियों संग अभद्रता, मारपीट, छेड़छाड़ व दुष्कर्म जैसी घटनाएं प्रकाश में आती हैं।



कुमार नंदन पाठक (वरिष्ठ पत्रकार)
 
   उत्तर प्रदेश की पुलिस व मुख्यमंत्री महिला सुरक्षा को लेकर चाहे कितने भी दावे कर लें, लेकिन जमीनी हकीकत उन दावों से हटकर अलग ही है। आए दिन शहर में कहीं न कहीं महिलाओं व युवतियों संग अभद्रता, मारपीट, छेड़छाड़ व बलात्कार जैसी दिल दहलाने वाली घटनाएं हो रही हैं। ऐसे ही पिछले कुछ समय में कई मामले प्रकाश में आये, जिन्होंने महिला सुरक्षा के दावों की पूर्णता पोल खोल दी है।


क्या कहते हैं एनसीआरबी के आंकड़े.....???


    देश में अपराध के आंकड़े नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) जारी करता है। इसके मुताबिक, यूपी में हर दो घंटे में बलात्कार का एक मामला दर्ज हो रहा है।महिला सुरक्षा व महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराधों पर पुलिस के ढीले रवैये को साफ जाहिर कि पुलिस इन मामलों को गम्भीरता से नहीं ले रही है। इसके चलते आए दिन घटनाएं लगातार जारी हैं। कहीं, पिता को पड़ोसी की हरकतों की शिकायत भारी पड़ी तो कहीं युवती को मामूली विवाद में उसके चचेरे भाई व उसके दबंग साथियों ने पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया। कहीं, होली मिलने के बहाने रेप का प्रयास किया गया। कही खेत में काम करना भारी पड़ा हालांकि, इन मामलों में पुलिस का रवैया निराशाजनक रहा।


हाल फिलहाल में हुई शर्मनाक , इंसानियत को शर्मसार करने वाली बड़ी वारदातें



  उत्तर प्रदेश के हाथरस में पंद्रह दिन पहले दुष्कर्म का शिकार हुई लड़की की इलाज के दौरान दिल्ली में मौत हो गई है। उसे बेहतर इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल लाया गया था, लेकिन मंगलवार सुबह पीड़िता हिम्मत हार गई। पीड़िता की उम्र 19 वर्ष थी। बीती 14 सितंबर को हाथरस के चंदपा थाना क्षेत्र के एक गांव में चार युवकों ने उसके साथ दरिंदगी की थी। इस दौरान युवती की रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। दरिंदों ने उसकी जीभ भी काट दी थी। गंभीर हालत में उसे अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती करवाया गया था, लेकिन हालात में सुधार नहीं होने पर उसे दिल्‍ली लाया गया था। पूरे मामले में यूपी पुलिस की ढिलाई की भी आलोचना हो रही है। पुलिस लंबे समय तक इसे छेड़छाड़ का केस बताते हुए रिपोर्ट दर्ज करने से बचती रही। 


   20 जुलाई: गाजियाबाद में पत्रकार विक्रम जोशी को बदमाशों ने उनकी बेटी के सामने गोली मार दी थी। भांजी के साथ हुई छेड़छाड़ की शिकायत विक्रम ने पुलिस से की थी। 21 जुलाई की सुबह घायल पत्रकार ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। पत्रकार विक्रम जोशी पर गोली चलाए जाने के मामले में अब तक पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, चौकी इंचार्ज समेत दो पुलिस कर्मियों को लापरवाही बरतने पर सस्पेंड भी कर दिया गया है।
10 अगस्त: गोरखपुर के रतनपुर गांव की 17 साल की छात्रा ने छेड़खानी से तंग आकर रात में खुद को आग के हवाले कर दिया। उसकी बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी। छात्रा ट्यूशन पढ़ने जाती थी तो उसे एक लड़का परेशान करता था।


   10 अगस्त: ग्रेटर नोएडा के दादारी थाना क्षेत्र के डेयरी स्कनर गांव की रहने वाली सुदीक्षा बीते 10 अगस्त को अपने चचेरे भाई निगम भाटी के साथ बुलंदशहर में अपने नानी के घर जा रही थी। लेकिन औरंगाबााद थाना क्षेत्र में अचानक सामने आए बुलेट सवार के ब्रेक लगाने से निगम बाइक पर संतुलन खो बैठा था। सुदीक्षा की इस हादसे में मौत हो गई थी। मृतक के पिता जितेंद्र ने आरोप लगाया था कि, बुलेट सवार दो युवक सुदीक्षा के साथ छेड़खानी कर रहे थे। इस प्रकरण में पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा है।


   14 अगस्त: लखीमपुर के ईसानगर थाना क्षेत्र की रहने वाली 13 साल बच्ची की रेप के बाद हत्या कर दी गई। उसका शव गन्ने के खेत से बरामद हुआ। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा है। दोनों पर रासुका की कार्रवाई की गई है।


   24 मार्च:  चांदगंज अलीगंज निवासी मोनिका कश्यप शाम करीब साढ़े सात बजे इक बेकरी के पास गई। पीड़िता का आरोप है कि वहां मौजूद सर्वेश कश्यप नाम के युवक ने उससे छेड़छाड़ की पीड़िता चिल्लाई तो लोग आ गए। इस दौरान सर्वेश ने अपने 20-25 साथियों के साथ उसे और उसकी बहन दीपिका कश्यप को ईंटों और लात-घूसों से मारा। आरोपी ने पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान आरोपियों ने रशद की सोने की चेन और सात हजार रुपये छीन लिए और भाग गए। पीड़िता प्राइवेट नौकरी करती है। आरोपी आए दिन उससे छेड़छाड़ करते थे। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर रिपोर्ट तो दर्ज कर ली लेकिन आरोपी धमकी देते खुलेआम घूम रहे हैं।


   24 मार्च : गोमती नगर थानाक्षेत्र के मिठाई वाला चौराहे के पास रहने वाली 26 वर्षीय रीता (नाम काल्पनिक) अपने पति राधेशयाम के साथ रहती है। महिला आस-पास के घरों में बर्तन, झाड़ू पोंछा का काम करती है। पति मजदूरी करता है। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उसके पड़ोस में रहने वाले कमलेश, ललित, छम्मन, सूरज, जुनई बुधवार रात उसके घर में घुस आये। उस समय वह घर में अकेली थी। आरोप है कि सभी नशे में धुत थे। इस दौरान सभी ने उसके साथ जबरदस्ती रेप करने की कोशिश की विरोध में कपड़े फाड़ दिए और सिर फोड़ दिया। पुलिस ने क्रास केस तो दर्ज कर लिया लेकिन करवाई नहीं हुई।


   25 मार्च: को हसनगंज थानाक्षेत्र के बाबूगंज में किशोरी लाल की पुत्री अनीता (काल्पनिक नाम) स्नातक उत्तीर्ण कर कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रही है। पड़ोस में ही राकेश उर्फ गप्पू अपने परिवार समेत रहता है। राकेश ताकझांक कर रहा था तो छात्रा ने नीचे आकर मामले की जानकारी पिता को दी तो पिता का राकेश से विवाद हो गया। राकेश की हरकतों से अजीज पिता हसनगंज थाने में रिपोर्ट लिखाने पहुंच गया। दबंग राकेश को इस बात का पता चला तो वह किशोरी के घर में अपने पुत्रों व 10 से 12 अज्ञात लोगों समेत घुस गया। उस वक्त छात्रा घर पर अकेली थी। घर में घुसते ही राकेश ने अपने पुत्र सौरभ व अन्य के साथ मिलकर छात्रा की बुरी तरह से पिटाई कर दी और उसके कपड़े तक फाड़ दिए। पुलिस ने इस सम्बन्ध में राकेश उसके पुत्र सौरभ व आशू, पप्पू समेत अन्य पर मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।


   25 मार्च : को ही दूसरी घटना भी हसनगंज के डालीगंज की है, जहां थानाक्षेत्र के मछली मंडी निवासी रमेश गौतम अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनकी 18 वर्षीय पुत्री रानी गौतम (सभी नाम काल्पनिक) भी घर में रहती है। रानी ने बताया कि उसके सिर में दर्द हो रहा था। तभी रंजीत नशे में अश्लील गलियां दे रहा था। रानी का आरोप है कि जब वह दोपहर में घर में नल पर नहा रही थी, तभी छोटे चाचा का लड़का पप्पू गौतम दुःशासन बनकर घर में घुस आया। पीड़िता को नहाते समय न सुनी जाने वाली गन्दी-गन्दी गलियां देने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने उसे दबोच लिया और अश्लीलता करने लगा। इस दौरान उसके आरोपी कपड़े भी फाड़ दिए। जब पीड़िता आरोपी के चंगुल से छूटकर चिल्लाई तो आरोपी के घर के कल्लू, गुड्डू, चन्द्रशेखर, चाची फूलमती, चचेरी बहन राधा, राजकुमारी, गुड़िया, रेखा, सुरेखा और खुशबू ने उसे मिलकर पीट दिया। पीड़िता ने इन सभी के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। पुलिस जांच के बाद कार्यवाई की बात कह रही है।


   15 फरवरी को सीएम आवास और डीजीपी ऑफिस के करीब जानकीपुरम निवासी 12वीं की छात्रा शव मिला था। उसकी गैंगरेप के बाद हत्या की गई थी। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार करके जेल तो भेज दिया, लेकिन असली कातिल कौन है। उसका पता लगा पाना पुलिस के लिए आज भी चुनौती बना हुआ है। छात्रा के शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था। शव तौलिया में लिपटा था। वहीं, पुलिस गिरफ्त में आए रिक्शा चालकों ने कबूला की उन्होंने शव के साथ रेप किया था। इस घटना से पुलिस महकमें में हड़कम्प तो मचा लेकिन मामला बाद में ठंडा हो गया। छात्रा का बैग और साईकिल आज तक बरामद नहीं हो सकी है।


  17 मार्च:  अलीगंज में रहने वाली एक मासूम के साथ गैंगरेप किया गया। फिर बेरहमी से उसका गला घोंटकर हत्या की गई। इसके बाद उसके शव को छन्नीलाल चौराहे के निकट बोरे में भरकर फेंक दिया गया। उसके चेहरे पर चोट थी, जबकि निजी अंग भी लहूलुहान था। मासूम दो दिनों से लापता थी। मासूम की हत्या के पीछे रिक्शा चालक को गिरफ्तार किया गया। एक महीने में दूसरी बार मासूम के साथ हुई दरिंदगी ने राजधानी को शर्मसार किया। रिक्शा चालक ने उसे टॉफी दिलाने के बहाने बुलाकर दरिंदगी की इसके बाद उसे मौत के घाट उतार दिया था।


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