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महिला द्वारा दुष्कर्म के प्रयास की थाना हाईवे पर सूचना देकर अभियोग पंजीकृत

महिला द्वारा दुष्कर्म के प्रयास की थाना हाईवे पर सूचना देकर अभियोग पंजीकृत

 
हरीश शर्मा


   मथुरा। थाना हाइवे पर हुक्मी सहित 04 लोगो के विरुद्ध तमंचे के बल पर छेडछाड़ करना व  धमकी देने  पंजीकृत कराया गया, जिससे सम्बन्धित एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक लडकी को तमंचे के बल पर छेडछाड करना व दुष्कर्म का प्रयास करना व खींच कर ले जाना, दिखाई दे रहा था। घटना की गंभीरता को देखते हुए  में घटना के सफल अनावरण के निर्देश दिये गये। उक्त निर्देश के अनुपालन में घटना का सफल अनावरण करते हुए नामित अभियुक्तगण की नामजदगी गलत पायी गयी एवं उक्त घटना की वादिया व घटना के षडयंत्र में शामिल सभी साजिशकर्ताओं सहित घटना का सफल अनावरण किया गया । थाना हाइवे हुक्मी आदि 04 लोगो के विरुद्ध तमंचे के बल पर छेडछाड़ करना व  धमकी देने के सम्वन्ध में कराया ।


   विवेचना से प्रकाश में आया कि दीपान्जलि डवलपर्स के मालिक सुरेन्द्र पटेल के द्वारा एग्रीमेंन्ट अपने नौकर मनोहरी के नाम कराया था । उक्त जमीन को सुरेन्द्र पटेल ने तय समय में पैसा अदायगी करके बैनामा नहीं कराया व मनोहरी की मृत्यु हो गयी, धनसी द्वारा मनोहरी के वारिसान की मदद से एग्रीमेंन्ट कैंसिल कराकर जमीन किसी अन्य को 15 दिवस पहले बेंच दी । जमीन अपने हाथ से जाता देख सुरेन्द्र पटेल ने अपने मैनेजर सुरेन्द्र सिंह व असिस्टेन्ट मैनेजर ज्योति एवं अन्य सह अभियुक्तों के साथ मिलकर योजना के तहत अपने ही लोगों द्वारा अपने मैनेजर ज्योती के साथ तमंचे के बल पर छेडछाड का वीडियों तैयार कराया, जिसमें मास्टर माइन्ड सुरेन्द्र पटेल मालिक दीपान्जलि डवलपर्स मथुरा रहा व इसके मैनेजर सुरेन्द्र सिंह (दीपान्जलि डवलपर्स) ने इस नाटकीय घटना को अन्जाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की व अपने दोस्तो को फोन करके जन्मदिन के बहाने बुलाया और सभी को पूरी बात बताते हुए सुरेन्द्र पटेल की मदद करने के लिए तैयार किया।


   सुरेन्द्र सिंह व सुरेन्द्र पटेल के भाई पंकज पटेल का काम फोन से घटना की वीडियो बनाना था। विनेश चौधरी को तमंचा तानकर लडकी को धमकाना था। शिवराम को लडकी के साथ धक्का- मुक्की करने का काम सौपा गया। उमेश को लड़की को घेरने व धमकी देने की भूमिका दी गई। वीरपाल यादव को मौके पर साक्षियों को लाने की जिम्मेदारी दी गयी, ताकि वो घटना की स्वभाविक साक्षी बन सके। बबलू को सबसे हल्का होने के कारण आशू गौतम से उसे कन्धे पर डालकर ले जाने के लिए कहा गया, जिसकी सहमति बबलू ने दी थी। इन सभी लोगो ने घटना का षडयन्त्र रचकर, घटना की वीडियोग्राफी कराकर इसे सुरेन्द्र पटेल को भेजा और सुरेन्द्र पटेल ने सनसनी फैलाने के उद्देश्य से वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कराया, ताकि पुलिस दबाव में आकर नामित आरोपियों  के विरुद्ध जल्द से जल्द कार्यवाही करे। 


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