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अपराधी ही नही यहाँ पुलिस भी करती है अपहरण, छोड़ने के बदले में मांगे पांच लाख रुपये

अपराधी ही नही यहाँ पुलिस भी करती है अपहरण, छोड़ने के बदले में मांगे पांच लाख रुपये


मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आने पर चार सिपाही निलंबित


सत्य स्वरूप ब्यूरो


   बाराबंकी। एक तरफ वैसे ही यूपी में अपराधियों के आतंक से आम जनमानस में खौफ व्याप्त है, अब जनता के रक्षक कहे जाने वाले पुलिस कर्मियों में कुछ ने खाकी को शर्मसार कर दिया है। मामला राजधानी लखनऊ से सटे जिला बाराबंकी के थाना कोठी का है जहां पर तैनात पुलिस कर्मियों पर मसौली में रहने वाले राहुल सिंह नामक व्यक्ति ने सिपाहियों पर अपहरण कर छोडने के बदले में पांच लाख की फिरौती मांगने का आरोप लगाया है।



    राहुल ने एसपी कार्यालय के बाहर पत्रकारों को बताया कि राजनैतिक व अफसरों के संरक्षण से मनमाफिक थानों में तैनाती और पुलिस लाइन में होकर भी एसटीएफ जैसे अधिकार रखने वाले 6 सिपाहियों ने मेरा अपहरण किया था और मुझे छोड़ने के बदले पांच लाख की डिमांड की थी, लेकिन मेरे परिजनों द्वारा 3 लाख रुपये देने के बाद ही मुझे छोड़ दिया गया। रुपयों की गिनती एसओ साहेब के सामने हुई। 



   मामला पुलिस के आलाकमान अधिकारियों के संज्ञान में आते ही  चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है आगे जांच चल रही है। खाकी अब अपनों से ही शर्मिंदा होने लगी है। अफसर सतरिख कांड में पसीना बहा रहे थे फिर मिशन शक्ति में लग गए लेकिन, मातहत अपने गोरखधंधे में लगे रहे।


   16 अक्टूबर को मसौली क्षेत्र के ग्राम भूलीलीगंज निवासी राहुल सिंह शाम को घर से निकले। चौराहे पर दुकान से नवरात्र का सामान खरीदना था। तभी तुरकानी गांव का परिचित संदीप यादव मिला। उसने जमीन दिखाने की बात कही। इतनी ही देर में वहां दो कारें आकर रुकीं।


    इसमे बैठे लोगों ने उसे कार में घसीट लिया। और राहुल को कोठी इलाके के ग्राम उस्मानपुर के एक निजी मकान में ले गए। बाद में राहुल को पता चला कि ये कोई बदमाश नहीं सब पुलिस के सिपाही हैं। सभी ने पुलिसिया अंदाज में ही 10 लाख की व्यवस्था करने को कहा। इतनी ही देर में जेल भेजने और एनकाउंटर की धमकी भी दे डाली।


   राहुल ने अपने फोन से बात कर ताऊ के लड़के विवेक और परिचित संदीप के हाथ 3 लाख रुपये मंगवाए। रुपये एसओ कोठी के सामने गिने जाते रहे। बाद में उसे हिदायतों का पुलिंदा थमाकर जाने दिया। इस पूरे मामले की शिकायत 17 अक्टूबर को ही राहुल ने लिखित रूप से एसपी से की।


   अफसर सकते में थे इसलिए आरोपों की पुष्टि के लिए एएसपी साउथ ने जांच की। बाद में एसपी ने चार सिपाहियों कोठी थाने के नीलेश सिंह, जमाल और पुलिस लाइन में तैनात आशीष तिवारी व अमित सिंह को निलंबित कर दिया गया। इस मामले में एसओ कोठी व लोनीकटरा के सिपाही जद से बाहर है।


   लग्जरी कारें, सरकारी आवास अड्डे बने, गुडवर्क से अपनी साख बनाने वाले महकमे के ऐसे सिपाही ब्रीजा, बलेनो जैसी लग्जरी कारों से घूम रहे हैं। पुलिस लाइन के आवास पुरानी फिल्मों की तर्ज पर काली पहाड़ी के अड्डे बन गए है।


    राहुल खुद कहता है इन सिपाहियों का वो पहला शिकार नहीं है। लोनी कटरा और कोठी थाने के सिपाहियों का बड़ा नेटवर्क है। जिनके लिए ये काम किसी शगल से कम नहीं है।


   अब पुलिस इसमे डिजिटल या जमीनी साक्ष्य जुटाए या नहीं लेकिन पब्लिक से बिगड़ रहे इन रिश्तों की कोई दवा जरूर खोजनी होगी।


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